Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Local Samachar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Local Samachar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान….
    छत्तीसगढ़

    धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान….

    News DeskBy News DeskFebruary 13, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान….
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद फसल है l  यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और आयुर्वेद में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार में मांग बहुत है। छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड जैसे संस्थानों द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर सीधे खरीद (Buy Back) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है l

     धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

     धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

     

    ब्राम्ही की खेती तरफ किसानों का रुझान

    छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के प्रयासों से राज्य के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है।

     धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

    ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में सहायक

    बोर्ड द्वारा संचालित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती योजना के अंतर्गत किसानों को ब्राम्ही की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ब्राम्ही एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी लागत कम और लाभ अधिक है। एक बार रोपण करने के बाद 3 से 4 वर्षों तक हर तीन माह में इसकी कटाई की जा सकती है। ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क संबंधी औषधियों तथा सौंदर्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है।

    ब्राम्ही की खेती से किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक शुद्ध लाभ

    जहां धान की खेती में प्रति एकड़ लागत अधिक और मुनाफा सीमित होता है, वहीं ब्राम्ही की खेती में सालाना लागत लगभग 21 हजार रुपये तक आती है और एक वर्ष में लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन से किसानों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि किसान अब ब्राम्ही की खेती को लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

    किसानों को ब्राम्ही के लिए बाजार की चिंता नहीं

    बोर्ड द्वारा किसानों को ब्राम्ही की रोपण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक लागत और कम हो गई है। साथ ही किसानों की उपज के विक्रय की समस्या को दूर करते हुए पहले से ही क्रय अनुबंध की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती।

    रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में ब्राम्ही की खेती

    ब्राम्ही की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि अत्यंत उपयुक्त है। यह नमी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है, जहां अन्य फसलों में नुकसान की आशंका रहती है। इसी कारण अब किसान धीरे-धीरे धान के साथ वैकल्पिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक ब्राम्ही की खेती कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

     धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

    किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम ब्राम्ही

    छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और निरंतर प्रयासों से औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, रोपण सामग्री और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

    औषधीय की खेती में छत्तीसगढ का अग्रणी स्थान

    राज्य में औषधीय पौधों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ साथ छत्तीसगढ़ में उत्पादित ब्राम्ही और अन्य औषधीय पौधों की मांग भविष्य में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बढ़ेगी और राज्य औषधीय खेती के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

    ब्राम्ही की खेती से आत्मनिर्भर बनता किसान

    वन विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के किसान नई सोच के साथ खेती कर रहे हैं। ब्राम्ही की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है।

    News Desk

    Related Posts

    हर घर जल योजना से ग्राम कन्हारी में बदली पेयजल की तस्वीर: सुदूर वनांचल एवं बैगा जनजाति बहुल क्षेत्र में घर-घर पहुँचा शुद्ध नल जल….

    February 13, 2026

    हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम से 16 सप्ताह में अति कुपोषण से सामान्य श्रेणी में पहुंची हिमांशी….

    February 13, 2026

    मंत्री रामविचार नेताम 19 फरवरी को करेंगे एकलव्य विद्यालयों की समीक्षा….

    February 13, 2026

    कोंडागांव एवं फरसगांव में एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला आयोजित….

    February 13, 2026

    ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प: मंत्री रामविचार नेताम…

    February 13, 2026

    गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल: रूपनारायण सिन्हा….

    February 13, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    हर घर जल योजना से ग्राम कन्हारी में बदली पेयजल की तस्वीर: सुदूर वनांचल एवं बैगा जनजाति बहुल क्षेत्र में घर-घर पहुँचा शुद्ध नल जल….

    February 13, 2026

    हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम से 16 सप्ताह में अति कुपोषण से सामान्य श्रेणी में पहुंची हिमांशी….

    February 13, 2026

    धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान….

    February 13, 2026

    मंत्री रामविचार नेताम 19 फरवरी को करेंगे एकलव्य विद्यालयों की समीक्षा….

    February 13, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Roshni Rajput
    मोबाइल - 9399298630
    ईमेल - [email protected]
    छत्तीसगढ़ कार्यालय - Amrit Niwas,Gandhi Nagar Gudhiyari Raipur
    मध्यप्रदेश कार्यालय - S-215 Om Complex Near Bima Kunj Kolar Road Bhopal
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.