Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Local Samachar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Local Samachar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु…..
    छत्तीसगढ़

    आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु…..

    News DeskBy News DeskFebruary 7, 2026No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु…..
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा । सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव – राज्यपाल श्री रमेन डेका

    राज्यपाल श्री रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।

    बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।

    अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

    जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

    युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

    बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

    बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।

    कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरणदेव सिंह, सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    News Desk

    Related Posts

    दुगली वन धन विकास केंद्र ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी, धमतरी की महिलाएं वनोपज से बना रहीं उत्पाद, केंद्र ने किया 4.37 करोड़ रुपए का कारोबार…..

    July 23, 2026

    मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से आकाशीय बिजली से मृतक की पत्नी को मिली 4 लाख रुपये की मुआवजा सहायता….

    July 23, 2026

    छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा के लिए आईआईटी मद्रास के साथ ऐतिहासिक एमओयू, डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम शुरू….

    July 23, 2026

    बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की समीक्षा बैठक में बहुस्तरीय कानूनी कार्रवाई और समयबद्ध पुनर्वास के निर्देश….

    July 23, 2026

    सूरज की रोशनी से जगमगाए घर, महिलाओं की जिंदगी भी हुई रोशन….

    July 23, 2026

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती पर किया नमन….

    July 23, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    दुगली वन धन विकास केंद्र ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी, धमतरी की महिलाएं वनोपज से बना रहीं उत्पाद, केंद्र ने किया 4.37 करोड़ रुपए का कारोबार…..

    July 23, 2026

    मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से आकाशीय बिजली से मृतक की पत्नी को मिली 4 लाख रुपये की मुआवजा सहायता….

    July 23, 2026

    छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा के लिए आईआईटी मद्रास के साथ ऐतिहासिक एमओयू, डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम शुरू….

    July 23, 2026

    बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की समीक्षा बैठक में बहुस्तरीय कानूनी कार्रवाई और समयबद्ध पुनर्वास के निर्देश….

    July 23, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Roshni Rajput
    मोबाइल - 9399298630
    ईमेल - [email protected]
    छत्तीसगढ़ कार्यालय - Amrit Niwas,Gandhi Nagar Gudhiyari Raipur
    मध्यप्रदेश कार्यालय - S-215 Om Complex Near Bima Kunj Kolar Road Bhopal
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.