Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Local Samachar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Local Samachar
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»गेस्ट टीचर की पीआईएल खारिज, शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य: कोर्ट का फैसला
    मध्यप्रदेश

    गेस्ट टीचर की पीआईएल खारिज, शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य: कोर्ट का फैसला

    News DeskBy News DeskNovember 4, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    गेस्ट टीचर की पीआईएल खारिज, शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य: कोर्ट का फैसला
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के शिक्षकों की तरफ से ई-अटेंडेंस व्यवस्था के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. मध्य प्रदेश में लागू की गई ई-अटेंडेंस की व्यवस्था पर रोक नहीं लगाई जाएगी. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस को अनिवार्य करने के सरकारी आदेश को सही माना है, वहीं कोर्ट ने खराब नेटवर्क और स्मार्टफोन की दलीलें देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया. ऐसे में अब एमपी में सभी शिक्षकों को ई-अटेंडेंस लगाना अनिर्वाय करना जारी रहेगा. 

    सरकारी स्कूलों में लागू है व्यवस्था 

    एमपी हाईकोर्ट ने साफ किया कि इस व्यवस्था को लागू करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है और यह सरकार का प्रशासनिक निर्णय है, जिसमें न्यायालय का हस्तक्षेप करना उचित नहीं है. चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि ई-अटेंडेंस प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है. अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अपनी उपस्थिति केवल ई-अटेंडेंस पोर्टल या ऐप के माध्यम से ही दर्ज करनी होगी. यानि सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षकों को अपनी नियमित उपस्थिति अब ई-अटेंडेंस के हिसाब से ही दर्ज करानी होगी. 

    चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है। यह याचिका गेस्ट टीचर को-ऑर्डिनेशन कमेटी अशोकनगर के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह द्वारा दायर की गई थी।

    सिंह ने 20 जून 2025 को राज्य सरकार द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत 1 जुलाई 2025 से पूरे प्रदेश में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई थी।

    नेटवर्क और स्मार्टफोन न होने की दी थी दलील

    याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों में डिजिटल ढांचा कमजोर है, जिससे मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी में गंभीर कठिनाइयां हैं। इसके अतिरिक्त, कई शिक्षक स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे उनके लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है।

    इसे लागू करने में कानूनी बाधा नहीं

    राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता निलेश यादव ने पक्ष रखा और यह तर्क दिया कि ई-अटेंडेंस प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है और इसे लागू करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।

    हाईकोर्ट ने सभी तर्कों को सुनने के बाद याचिका को खारिज करते हुए सरकार के आदेश को वैध माना। इस फैसले के बाद अब शिक्षकों को अपनी दैनिक उपस्थिति केवल ई-अटेंडेंस पोर्टल या ऐप के माध्यम से दर्ज करनी होगी।

    याचिकाकर्ता ने दी थी यह दलील 

    दरअसल, ई-अटेंडेंस के खिलाफ दायर की यह याचिका गेस्ट टीचर को-ऑर्डिनेशन कमेटी अशोकनगर के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की तरफ से लगाई गई थी. जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के 20 जून 2025 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत 1 जुलाई 2025 से सभी सरकारी शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया गया था. याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्याएं हैं, ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक स्मार्टफोन न होने या नेटवर्क की कमी के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाते. इसलिए, ई-अटेंडेंस को अनिवार्य करना व्यवहारिक रूप से कठिन है. 

    जिस पर राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता निलेश यादव ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि ई-अटेंडेंस प्रणाली का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है. उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लागू की गई है और इसमें किसी प्रकार की कानूनी अड़चन नहीं है. ऐसे में कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों को सही मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. 

    News Desk

    Related Posts

    महिला शक्ति और वनोपज का सफल संगम, हरिबोल स्व-सहायता समूह ने रचा आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण….

    February 5, 2026

    पहचान भले ही अलग हो लेकिन सभी राज्यों की आत्मा एक भारत में हैं: राज्यपाल रमेन डेका…..

    February 5, 2026

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    February 5, 2026

    छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान: चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण….

    February 5, 2026

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा…

    February 5, 2026

    प्रदेश में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय — भखारा, लवन, सकरी और राजकिशोर नगर में कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी मंजूरी…..

    February 5, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    महिला शक्ति और वनोपज का सफल संगम, हरिबोल स्व-सहायता समूह ने रचा आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण….

    February 5, 2026

    पहचान भले ही अलग हो लेकिन सभी राज्यों की आत्मा एक भारत में हैं: राज्यपाल रमेन डेका…..

    February 5, 2026

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    February 5, 2026

    छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान: चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण….

    February 5, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Roshni Rajput
    मोबाइल - 9399298630
    ईमेल - [email protected]
    छत्तीसगढ़ कार्यालय - Amrit Niwas,Gandhi Nagar Gudhiyari Raipur
    मध्यप्रदेश कार्यालय - S-215 Om Complex Near Bima Kunj Kolar Road Bhopal
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.